
संज्ञा (Sangya in Hindi Grammar)
संज्ञा की परिभाषा – किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
जैसे – रोशन, कुर्सी, कलम, आम, अच्छाई, बुराई आदि।
संज्ञा के भेद (Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain)
हिंदी व्याकरण में संज्ञा के पांच भेद होते हैं जो की नीचे लिखा गया हैं –
1 . व्यक्तिवाचक संज्ञा
2 . जातिवाचक संज्ञा
3 . भाववाचक संज्ञा
4 . समूहवाचक संज्ञा
5 . द्रव्यवाचक संज्ञा
1 . व्यक्तिवाचक संज्ञा
परिभाषा – जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, स्थान अथवा वस्तु का बोध हो, वह व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाती है।
जैसे – जैसे महेश, गीता, नरेश, सुरेश, राम, सीता आदि।
व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण निम्न है :-
(क.) व्यक्तियों के नाम – तुलसीदास, अंशु, सचिन, मणिकांत, हिमांशु, गिरधर आदि।
जैसे – तुलसीदास एक बहुत बड़े कवि थे।
(ख.) दिशाओं के नाम – उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम आदि।
जैसे – उत्तर प्रदेश की सीमा पश्चिम में नेपाल से लगी हुई है।
(ग.) महाद्वीप, देशों व राज्यों के नाम – एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, भारत, नेपाल, भूटान, पंजाब, बिहार आदि।
जैसे – अमेरिका ने भारत के साथ पुरानी ऊर्जा के संबंध में द्विपक्षीय समझौता किया है।
(घ.) पहाड़ों के नाम – एवरेस्ट, हिमालय, नीलगिरी, आल्पस आदि।
जैसे – अरावली की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर है।
(ङ.) समुद्र, नदियों व झीलों के नाम – हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, भूमध्य सागर, गंगा, यमुना, चंबल, गोदावरी, सरस्वती आदि।
जैसे – प्रसाद महासागर सबसे गहरा महासागर हैं।
(च.) दिवस, दिन व महीनों के नाम – शिक्षक दिवस, बाल दिवस, विज्ञान दिवस, सोमवार, मंगलवार, अगस्त, अक्टूबर आदि।
जैसे – कार्तिक पूर्णिमा को पुष्कर मेले का आयोजन होता है।
(छ.) ग्रंथ, पत्र-पत्रिकाएं एवं समाचार पत्रों के नाम – महाभारत, गीतांजलि, टाइम्स, दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी आदि।
जैसे – रामायण हिंदू धर्म का पवित्र ग्रंथ है।
(ज.) त्योहारों एवं उत्सवों के नाम – होली, दीपावली, स्वतंत्रता दिवस, क्रिसमस आदि।
जैसे – स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है।
(झ.) ऐतिहासिक युद्धों के नाम – पानीपत का युद्ध, हल्दीघाटी का युद्ध, बक्सर का युद्ध आदि।
जैसे – हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ईस्वी में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हुआ था।
(ञ.) राष्ट्रीय जातियों के नाम – भारतीय, नेपाली, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी आदि।
जैसे – पाकिस्तानी घुसपैठियों की सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियां जारी है।
(ट.) ग्रह, उपग्रह एवं नक्षत्रों के नाम – सूर्य, मंगल, शुक्र, चंद्र, रोहिणी आदि।
जैसे – मंगल ग्रह को लाल ग्रह भी कहते हैं।
2 . जातिवाचक संज्ञा
परिभाषा – जिस संज्ञा शब्द से उसकी संपूर्ण जाति का बोध हो, वह जातिवाचक संज्ञा कहलाती है।
जैसे –
गाय दूध देती है।
कुत्ते रात में भोंकते हैं।
भैंस काली होती है।
इन तीनों उदाहरणों में गाय शब्द दुनिया के सभी गायों का बोध कराती है। इसी प्रकार दूसरे उदाहरण में कुत्ता शब्द दुनिया के सभी कुत्तों का बोध कराती है एवं तीसरे वाक्य में भैंस शब्द दुनिया के सभी भैंस का बोध कराती है।
जातिवाचक संज्ञा के अन्य उदाहरण निम्नलिखित है –
(क.) पशु-पक्षियों, कीट-पतंगों के नाम – कुत्ता, हाथी, बकरी, गोरैया, कौवा, तोता, खटमल, मच्छर आदि।
जैसे – तोते डाल पर बैठे हैं।
(ख.) वस्तुओं, सामग्रियों के नाम – कंप्यूटर, किताब, लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक, घड़ी, पंखा आदि।
जैसे – कुर्सी पर मोबाइल रखा हुआ है।
(ग.) प्राकृतिक आपदाओं के नाम – आंधी, तूफान, ज्वालामुखी फटना, भूकंप आदि।
जैसे – सुनामी में हमारे देश को काफी शादी हुई है।
(घ.) सामाजिक संबंधों, पदो, पदाधिकारियों और कार्यों के नाम – नेता, मूर्तिकार, कुम्हार, चोर, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री आदि।
जैसे – श्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री है।
( .) फलों, सब्जियों तथा फलों के नाम – केला, आम, अमरूद, गुलाब, आलू, परवल आदि।
जैसे – पूरी दुनिया में गुलाब के फूल के सैकड़ों किस्में पाई जाती है।
(च.) पहनने, ओढ़ने, बिछाने का सामान – पगड़ी, पतलून, चप्पल, तकिया, रजाई, मौजा आदि।
जैसे – भारतीय स्त्री साड़ी पहनना पसंद करती है।
(छ.) अन्न, मसाले, मिठाई के नाम – मकई, गेहूं, बाजरा, लड्डू, इलायची, रसगुल्ला आदि।
जैसे – हमारे देश में धान का उत्पादन पिछले वर्षों की अनुपात में अधिक हुई है।
(ज.) सवारियों के नाम – साइकिल, रिक्शा, बस, रेल, वायुयान आदि।
जैसे – मैं साइकिल से यात्रा करता हूं।
(झ.) सिद्धांतों के नाम – गांधीवाद, पूंजीवाद, आदर्शवाद, छायावाद, मार्क्सवादी आदि।
जैसे – महादेवी वर्मा छायावादी कवित्री है।
3 . भाववाचक संज्ञा
परिभाषा – जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, धर्म आदि का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे –
भाववाचक संज्ञा में निम्न को शामिल किया जाता है –
(क.) भाव – मित्रता कृपणता, शत्रुता आदि।
जैसे – वीरता सैनिकों का विशेष गुण है।
(ख.) गुण या दोष – बुद्धिमता, सुंदरता आदि।
जैसे – राम की बुद्धिमता प्रशंशा के लायक हैं।
(ग.) माप – चौड़ाई, ऊंचाई, लम्बाई आदि।
जैसे – पटना की बसावट में लंबाई और चौड़ाई का ध्यान नहीं रखा गया है।
(घ.) अवस्था – बचपन, यौवन, वृद्धावस्था आदि।
जैसे – बुढ़ापा जीवन का अभिशाप है।
( .) क्रिया – दौड़, पढ़ाई, लिखाई आदि।
जैसे – हमारे स्कूल में हर रोज बच्चों की दौड़ प्रतियोगिता की जाती है।
(च.) गति – शीघ्रता, सुस्ती, फुर्ती आदि।
जैसे – राम हर कार्य में सुस्ती करते रहता है।
(छ.) स्वाद – मिठास, तितास, कसैलापन, कड़वाहट आदि।
जैसे – मिठास गुड़ में होती है।
(ज.) अमूर्त भावना संज्ञाएँ – दया, क्षमा, करुणा आदि।
4 . समूहवाचक संज्ञा
परिभाषा – जिन संज्ञा शब्दों से व्यक्तियों, वस्तुओं आदि के समूह का बोध हो, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे – परिवार, कक्षा, समिति, दरबार, परिषद, संघ, सेना आदि।
- व्यक्तियों का समूह – विद्यार्थी भीड़ सभा आदि।
- वस्तुओं का समूह – गुच्छा मंडल झुंड आदि।
समूहवाचक संज्ञा के अन्य उदाहरण –
स्कूल में आज सभा हो रही है।
विद्यार्थी लोग कक्षा में बैठे हुए हैं।
शेर वन में निर्भय घूमता है।
तुम अपने परिवार के मुखिया हो।
यह शेरों का झुंड नहीं है।
5 . द्रव्यवाचक संज्ञा
परिभाषा – जिन संज्ञा शब्दों से किसी धातु, द्रव्य पदार्थ आदि का बोध हो, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे – तेल, चांदी, सोना, चावल, पीतल, गेहूं, कोयला, तांबा, लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक, शक्कर और मिट्टी आदि।
द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण –
तेल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
मैं रोज घी नहीं खाता हूं।
कोयला काला होता है।
शक्कर मीठा होता है।
चांदी का भाव बढ़ गया है।
हिंदी व्याकरण – Hindi Grammar
- हिंदी व्याकरण | वर्ण | स्वर वर्ण | व्यंजन वर्ण | शब्द | संधि | समास | उपसर्ग | प्रत्यय | संज्ञा | सर्वनाम | विशेषण | क्रिया विशेषण | वाक्य | लिंग | क्रिया | अव्यय | पुरुष | कारक | वचन | काल | विराम चिन्ह।
- अनेकार्थी शब्द | विलोम शब्द | पर्यायवाची शब्द | वाच्य | काव्य | तत्सम एवं तद्भव शब्द | अपठित पद्यांश | अपठित गद्यांश | पल्लवन | पद परिचय | शब्द शक्ति | पदबंध | रस | छंद | अलंकार।