
Purush in Hindi Grammar
हिंदी क्रियाओं में तीन पुरुष : उत्तम, मध्यम एवं अन्य पुरुष; दो लिंग : पुलिंग एवं स्त्रीलिंग; दो वचन : एकवचन एवं बहुवचन होते हैं। इसे निम्न उदाहरण से समझा जा सकता है :-
उदाहरण – 1 : पुल्लिंग —
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उदाहरण – 2 : स्त्रीलिंग —
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पुरुष किसे कहते हैं।
परिभाषा – बोल-चाल में हमें तीन बातों की आवश्यकता रहती है –
(क.) वक्ता (कहने वाला), (ख.) श्रोता (सुनने वाला) (ग.) किसी व्यक्ति या वस्तु का कथन, जिसके विषय में कुछ कहा जाए।
इन तीनों का संबंध पुरुष से माना जाता है। व्याकरण में तीन पुरुषों की कल्पना की गई है –
( 1 .) उत्तम पुरुष – Uttam Purush
परिभाषा – बोलने वाला उत्तम पुरुष कहलाता है। वक्ता अपने नाम का स्थान पर जिस सर्वनाम का प्रयोग करता है, उत्तम पुरुष कहलाता है।
जैसे – मैं, मेरा, मुझे, मेरी, मुझसे, मेरे, हम, हमारा, हमारी, हमें, हमसे।
( 2 . ) मध्यम पुरुष – Mdhyam Purush
परिभाषा – सुनने वाला मध्यम पुरुष कहलाता है। श्रोता के नाम के स्थान पर वक्ता द्वारा प्रयुक्त सर्वनाम मध्यम पुरुष होता है।
जैसे – तू, तुम, आप, तुम्हारा, तुम्हें, तेरा, तुझे।
( 3 . ) अन्य पुरुष – Anya Purush
परिभाषा – जिसके विषय में वार्ता की जा रही है वह अन्य पुरुष कहलाता है।
जैसे – यह, वह, इन्हें, उन्हें, इसे, उसे, ये, वे, इसने, उसने, इसका, उसका, आपका।
वक्ता एवं श्रोता से भिन्न व्यक्ति, प्राणी या वस्तु के लिए संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त सर्वनाम अन्य पुरुष कहलाता हैं।
“वह” सबसे अधिक प्रयुक्त होने वाला अन्य पुरुष सर्वनाम है। सभी संज्ञाएँ भी अन्य पुरुष के अंतर्गत मानी जाती है।
हिंदी व्याकरण – Hindi Grammar
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