ग्रीष्म ऋतु पर निबंध हिंदी में (Grishma Ritu Par Nibandh in Hindi)

ग्रीष्मऋतु पर निबंध हिंदी में

1 . विवरण, 2 . प्रातःकाल, 3 . अपराह्न, 4 . संध्या एवं रात्रि, 5 . अन्य असुविधाएँ, 6 . शहरों में दुःख से मुक्ति, 7 . उपसंहार ।

1 . भारतवर्ष में ग्रीष्म मार्च के आरंभ से शुरू होता है और जून तक रहता है। फरवरी तक सूर्य की किरणें शांतिदायक रहती हैं और हमलोग सूर्य की रोशनी में धूप खाना पसंद करते हैं।

परंतु, मार्च में मौसम बदलता है। धूप अधिक गर्म मालूम पड़ती है और हमलोगों को पसीना छूटने लगता है। समूची पृथ्वी ही इस ऋतु में गर्म हो जाती है।

2 . गर्मी में कुछ ही घंटे आनंददायक रहते हैं। मार्च में दोपहर के पहले धूप विशेष कड़ी नहीं होती। परंतु, अप्रैल में 9 बजे सुबह में ही धूप कड़ी हो जाती है।

3 . मई और जून में दोपहर तक धूप बहुत अधिक कड़ी हो जाती है और झुलसा देनेवाली हवा बहने लगती है। तब यह अधिक दुःखदायी हो जाती है। लोग घर से बाहर नहीं आ सकते और सभी कार्य संध्याकाल तक स्थगित हो जाते हैं।

गर्मी के कारण वे घर के भीतर भी कार्य नहीं कर सकते। इसके अलावा उनमें स्फूर्ति नहीं आती और एक प्रकार की सुस्ती आ जाती है। उन्हें अपराह्न में आलस मालूम होने लगता है। वे सभी दरवाजे बंद कर देते हैं और घर के सबसे ठंढे भाग में विश्राम करते हैं।

4 . लोगों को संध्या एवं रात्रि के समय भी आराम नहीं मिलता। रात के समय वे गर्मी के कारण आराम से सो नहीं सकते।

5 . अन्य कई तरह से लोगों को गर्मी में असुविधा होती है। गर्म हवा के कारण प्यास अधिक लगती है, पर उनको ठंढा पानी नहीं मिलता। नदी और तालाब सूख जाते हैं और पानी की कमी हो जाती है।

इनसे उनकी कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं। उनका गला सूख जाता है। पशु-पक्षी तक को प्यास लगने लगती है और वे पानी की खोज इधर-उधर दौड़ने लगते हैं। बहुत-से लोग तथा पशु-पक्षी लू से मर जाते हैं। ग्रीष्मऋतु में हैजा, चेचक आदि बहुत-से रोग होते हैं।

6 . शहर में रहनेवाले लोगों को बहुत-सी सुविधाएँ रहती हैं, जो गाँववालों को उपलब्ध नहीं हैं। अतएव रुपया खर्च करने की सामर्थ्य रखने पर शहर के लोग गर्मी की तकलीफों को बहुत हद तक कम कर सकते हैं। शहर में लोगों को ठंढक प्रदान करने के लिए बिजली के पंखे हैं और प्यास बुझाने के लिए बर्फ ।

7 . इन बुराइयों के बावजूद किसान ग्रीष्मऋतु का स्वागत करते हैं; क्योंकि यह बादल लाती है जिससे उन्हें वर्षा मिलती है। यद्यपि हम ग्रीष्म की गर्मी और धूल नापसंद करते हैं, फिर भी हम उत्सुकता के साथ इसकी प्रतीक्षा करते हैं; क्योंकि इस ऋतु में हमें मीठे आम मिलते हैं।

Final Thoughts –

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