
2. हस्त मैथुन
हस्तमैथुन करना आपकी आदत नहीं है, आपका स्वभाव है।
ऐसे स्वभाव वाले लोग सिर्फ अपने जननांगों से नहीं परंतु जीवन के हर क्षेत्र में ऐसे ही व्यवहार करते हैं।
1. जीवन में बस सपने देखते रहना,
2. कल्पनाऐं करते रहना,
3. सोचते रहना,
4. बातें करते रहना,
5. काम न करना,
6. काम को हमेशा टालते (Procrastinate) रहना।
यह सभी उसी मानसिकता का भाग है जो आपको हस्तमैथुन कराती है। इसीलिए यदि मात्र हस्तमैथुन की आदत हटाने का प्रयास करेंगे तो नहीं हटेगी। संपूर्ण मानसिकता को जड़ से ही हटाना होगा तभी हटेगी। वो कैसे?
1. अपनी वाणी का मूल्य रखो। कुछ बोला है करने को तो उसको करो।
2. विचार में मत खोए रहो। आवश्यक से अधिक विचार में समय न दो।
3. विचार पर तुरंत काम करना सीखो ।
4. छोटे मोटे काम को टालना बंद करो।
5. एक बार में एक ही काम पर ध्यान दो। जब तक पिछला काम अधूरा हो तब तक नये विचारों को बाजू में रखकर काम पूरा करने पर ध्यान दो।
6. कम बोलो और काम अधिक करो।
यदि इतना करोगे तो भी आप अपनी इस हस्त मैथुन वाली मानसिकता काफ़ी हद तक हटा दोगे, और यदि हस्तमैथुन की आदत हटा दोगे तो ये मानसिकता भी अपने आप हटने ही लगेगी।
अब मानसिकता कैसे हटाएँगे यह समझ लिया,
परंतु हस्त मैथुन की आदत कैसे हटाएँगे? आइए! जानते हैं।
हस्त मैथुन और पोर्न दोनों मित्र आदतें हैं।
अधिकतर बार दोनों साथ में ही होते हैं। यदि एक नहीं है तो दूसरे के होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
अतः सबसे पहले तो अपने जीवन में से उन चारों प्रकार के पोर्न को हर जगह से हटा दीजिए। जिनके बारे में हमने अभी बात की है। यदि पोर्न नहीं होगा आपके पास तो हस्त मैथुन करने की इच्छा भी काफ़ी कम हो जाएगी।
उसके बाद अब यह जान लीजिए कि पोर्न और हस्तमैथुन करने के आपके जीवन में संभव अवसर कौन से होते हैं? कौन से वे स्थान, समय और स्थितियाँ है जब आप सबसे अधिक हस्त मैथुन का कृत्य करते हो? उनको पहचानों और उन्हें हस्तमैथुन रोधक (Masturbation Proof) बना दें।
जैसे की मुख्यतः अधिकतर लोगों के लिए यह तीन संभव अवसर है जब वे हस्त मैथुन करने के लिए सबसे अधिक प्रेरित होते हैं.
1. बाथरूम (स्थान) :
• बिना गमछे के नग्न होकर कभी न नहाएँ।
• नहाते समय भी अपने आपको कभी संपूर्ण नग्न अवस्था में न देखें।
• गाँव जैसी व्यवस्था है तो घर के बाहर नहाने की आदत लगाएँ।
• बाथरूम में नहाते हैं तो कभी उसकी कुण्डी बंद करके न नहाएँ।
• बाथरूम में पैर रखो तबसे जब तक बाहर न आओ तब तक हमारी ‘वैदिक दिनचर्या’ पुस्तक में बताए अनुसार मंत्रोच्चार करते रहें।
• बाथरूम या शौचालय में कभी फ़ोन लेकर न जाएँ।
2. शयन (समय) :
• रात का शयन समय सबसे अधिक उपयोग किया जाता है पोर्न देखने और हस्तमैथुन का कृत्य करने के लिए।
• इसलिए जितना हो सके जल्दी सोने का प्रयास करें।
• परिवार में सबसे पहले और अधिक से अधिक 10 बजे सो जाने की आदत लगाएँ। यह समय तमस प्रधान होता है। इसलिए जितना देर से सोते हैं। उतनी ही आपकी वृत्ति राक्षसी और भोगी होने लगती है।
3. एकांतवास (स्थिति) :
• स्थितियों में एकांत स्थिति में यह वृत्ति सबसे तीव्र होती है।
• इसलिए हमेशा किसी न किसी की उपस्थिति में काम करें।
• घर पर कोई न हो तब तुरंत घर से निकल जाएँ और घर के आँगन में सबके सामने न कर सको तो गाँव के मंदिर या बाग आदि में चले जाएँ।
• परंतु अपने आपको बंद कमरे में अकेला कभी न छोड़ें।
ऐसे ही,
जो स्थान, समय और स्थिति आपमें पोर्न देखने और हस्तमैथुन करने की वृत्ति को प्रेरित करती हो उन स्थान, समय और स्थितियों को प्रयत्न करके हस्तमैथुन रोधक बना दें और उन नियमों का दृढ़ता से पालन करें।
जब हस्तमैथुन करने का मन हो तब क्या करें?
सबसे पहले तो यदि आप ऐसे स्थान, समय या स्थिति में नहीं होंगे तो आप को ऐसा मन नहीं करेगा।
इसलिए यदि इनमें से एक में हो और मन होता है तो तुरंत अपने नियम याद करो और उसका पालन करो।
और इतना हमेशा याद रखें कि
और कोई देख रहा हो या नहीं,
परंतु सूर्य, अग्नि, आकाश, वायु, देवता,
चंद्रमा, संध्या, दिन, रात, दिशाएं, जल,
भूमि यह 12 साक्षी और अंत में स्वयं
परमात्मा तो आपको निरन्तर देख ही रहे हैं।
मृत्यु के बाद जब यमराज के दरबार में आपके कृत्यों का हिसाब लगेगा तब आप जब झूठ बोलने का प्रयास करोगे ये सोच कर कि, ‘किसी ने मुझे नहीं देखा’।
तब यही 12 साक्षी प्रमाण देते हैं की, ‘हाँ!!! हमने देखा है, हम वहीं थे।’
तो अगली बार जब ऐसा कुछ करने का विचार आए,
तो अवश्य सोचिएगा कि, आपके आस पास वे बारह लोग खड़े खड़े आपको ही देख रहे हैं, और उन्हें शर्म आ रही है अपने पुत्र को ऐसा करता देख।
आप स्वयं विचार करें कि आप वो कृत्य करते हुए कैसे दिखते हो? आपके हावभाव कैसे हो रहे हैं ? आपका मुँह कैसा दिख रहा है?
आपके पूर्वजों ने युद्ध लड़कर अपने प्राण की आहुति लगाई यह सोच कर कि मेरी पीढ़ी महान बनेगी, समाज की, संतों की, परिवार की सेवा करेगी।
और अभी ऊपर के लोकों से वे आपको बाथरूम में अपने हाथ में अपना जननांग लेकर बैठे हुए कुत्ते के समान मुँह से लार और आँखों से हवस टपकते देखते हुए देख रहे हैं और धिक्कार रहे है कि किन नपुंसकों के लिए अपने सुखों और प्राणों का बलि दान दिया?
उनका छोड़िए। कभी आप स्वयं अपना वीडियो लीजिए ऐसा कृत्य करते हुए और देखिए।
यदि ऐसा वीडियो आपके परिवारजन, पूर्वज और गुरुजन देखते, तो वे क्या अनुभव करते? आपके बड़े कैसी शर्मिंदगी अनुभव करेंगे?
आपके हृदय में बैठे भगवान भी अभी वैसा ही अनुभव कर रहे हैं अपने बच्चे को ऐसा करता देख। तो ये सब कृत्य करना बंद कीजिए, बड़े हो जाइए और एक पुरुष बनिए।
और यदि आप नये हो ब्रह्मचर्य पालन की यात्रा में, और आपको सब करने के पश्चात भी हस्तमैथुन आदि करने की तीव्र इच्छा हो रही और आपको पता नहीं है कि,
क्या करें जब हस्त मैथुन की तीव्र इच्छा आए?
तो सिर्फ़ एक सरल उपाय को हमेशा अपनायें। जिसका नाम है ‘एक जप उपाय’ ।
अपनी जप माला और गौमुखी हमेशा अपने पास रखो। और जैसे ही आपको लगे की आपको कुछ उत्तेजक दिख गया और आपकी ऐसी इच्छा हो गई, सबसे पहले उस दृश्य हो सामने से हटाओ और तुरंत ही माला उठाकर चलते चलते या फिर खड़े खड़े एक माला हरे कृष्ण महामंत्र का जप कर लो।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
अधिक से अधिक 8 मिनट लगती है एक माला पूरी करने में। और सामान्यतः प्रथम कुछ मंत्रों में ही हरिनाम उन विचारों को निकाल देते हैं, परंतु आपको माला हमेशा पूरी करनी है। क्योंकि आगे उस विचार को पुनः अंदर न आने देने का बल उसी से बनता है। इससे जितनी अधिक उत्तेजना उतनी ही अधिक साधना भी कर पाओगे।
और यदि आप नास्तिक है, या फिर आपके पास माला नहीं है। तो ऐसे में जैसे ही आपको ऐसा कोई दृश्य दिखे, तुरंत ही…
1. उस दृश्य को अपनी दृष्टि से हटाओ।
2. खड़े हो जाओ और कम से कम 15 दंड या 30 बैठक लगाओ।
3. यदि यह भी नहीं कर सकते तो कम से कम 8 मिनट तक टहलो। उन 8 मिनटों में अपने जननांगो को न छुएँ, कुछ और उत्तेजक दृश्य न देखें, उत्तेजक लोगों से दूर हो जाएँ, और अकेले हो तो परिवार, मित्र या सार्वजनिक जगह पर चले जाएँ।
4. यदि खड़े भी नहीं हो सकते तो तुरंत ही ऊपर सीधा आकाश की ओर देखकर आँखें खुली रखकर त्राटक करें (हो सके तो परमात्मा, पूर्वज और गुरु से मन ही मन हृदय माफ़ी माँगे)। याद रहे, इतना ऊपर देखिए कि गर्दन की मांसपेशियों में थोड़ा खिंचाव आए।
5. गर्दन की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग आपके मस्तिष्क के रंध्रों को भी स्ट्रेच करती है, जिससे तुरंत ही आपके विचार और मानसिक स्थिति Reset से होने लगते है। अतः जब भी थोड़ा भी विचार को लेकर संशय हो, तुरंत ही गर्दन को आस पास और ऊपर नीचे की ओर स्ट्रेचिंग कर लें।
6. परंतु गलती से भी अपने जननांग को हाथ मत लगाओ।
7. अभद्र दृश्य पर दृष्टि पड़े और दिखे तो तुरंत ही एक्शन लें। Speed of Action is the key.