ब्रह्मचर्य पालन करने के लिए अपने वातावरण की सफाई कैसे करे।

जैसे हमने समझा कि हमारी ब्रह्मचर्य की नाव में जब तक छिद्र हैं तब तक कामेच्छाओं का खारा पानी नाव में भरता ही जाएगा और अंत में हमें इस अंतहीन इच्छाओं और दुःखों के सागर में डुबो देगा।

इस सागर को पार करने की यह एकमात्र नाव है, जिसका नाम है, ब्रह्मचर्य।

जब तक हम उस नाव में पड़े इन छिद्रों को नहीं भरते, तब तक वह नाव आगे नहीं बढ़ पाएगी और हमें इस भवसागर से पार नहीं ले जा पाएगी। और उन छिद्रों को बंद करने की एकमात्र प्रत्याभूत विधि (Guaranteed Action Plan) है, जिसको अब हम सीखेंगे।

परंतु इससे पहले यह जान लेते है की आख़िर इसमें..

गारंटी क्या है?

गारंटी यह है कि –

1. यदि आपने इस विधि का 100% पालन किया तो आप आज और अभी से अखंड रूप से ब्रह्मचर्य का पालन कर पाओगे।

2. यदि 70-80% भी पालन कर लिया, तो भी 2-4 महीनों में आप 100% तक पहुँचकर अंत में फिर अखंड रूप से ब्रह्मचर्य का पालन कर पाओगे।

3. यदि 50% भी पालन कर लिया तो भी 6 महीने के अंदर आप 100% तक पहुँच जाओगे और अखंड ब्रह्मचर्य का पालन कर पाओगे।

4. उतना नहीं तो कम से कम 10-20% पालन से भी यदि शुरू कर दिया तो भी एक वर्ष के पश्चात् ही सही पर आप 100% तक पहुँच जाओगे।

5. और यह भी गारंटी देते हैं कि यदि इस विधि का पालन नहीं किया तो पूरे विश्व में किसी भी और विधि से आप कभी भी ब्रह्मचर्य का पालन नहीं कर पाओगे, नहीं कर पाओगे, नहीं ही कर पाओगे। असंभव ।

क्योंकि यह विधि सबसे मूलभूत सिद्धांत पर बनी है।

और इससे अधिक मूल में आप जा ही नहीं सकते। यह विधि आपके मन, शरीर और जीवन में भरी हुई सारी गंदगी को निकाल कर रिसेट बटन दबा देगी। तो आइए ! शुरू करते हैं।

ब्रह्मचर्य की प्रत्याभूत विधि के 3 चरण :- (3 Steps of Guaranteed Action Plan):

1. सफ़ाई कर्म (Desexualization)

  • वातावरण सफ़ाई (Desexualizing Environment)
  • मन की सफ़ाई (Desexualizing Mind)
  • शरीर की सफ़ाई (Desexualizing Body)
  • हृदय की सफ़ाई (Desexualizing Heart)
  • बुद्धि की सफ़ाई (Desexualizing Intelligence)
  • जीवनशैली की सफ़ाई (Desexualizing Lifestyle)

2. संकल्प धारण (Taking Vow)

3. सुधार परीक्षण (Tracking Progress)

1. सफ़ाई कर्म (Desexualization)

ब्रह्मचर्य पालन में सबसे प्रथम गलती लोग यह करते हैं कि, ब्रह्माचा बार अपनी बुरी आदत से हारते हैं, उतनी बार घृणा में ही बिना सोचे समझे संकल्प ले लेते हैं, ‘बस आज ये आख़िरी बार हो गया वो हो गया, पर अब फिरसे नहीं होने दूँगा, पक्का।’

परंतु फिर कुछ दिन बाद पुनः वही गलती कर देते हैं और फिर सोचते हैं, ‘कितनी भी बार संकल्प ले लूँ, पर बार बार वही गलती कर बैठता हूँ। क्यों?’

आप सोचो, ‘क्यों नहीं होगी गलती?’

आप इस बार में हर बार से अलग कर भी क्या रहे हो कि, इस बार आपका परिणाम बदल जाएगा?

हर बार नीम की निमोई बोते हो और सोचते हो कि इसबार आम का पेड़ उगेगा, इसबार चीकू का उगेगा, यह कैसे संभव है?

वैसे ही यदि मन, बुद्धि, शरीर, वातावरण, जीवन शैली किसी में आप कोई बदलाव ही नहीं ला रहे हो, तो जीवन के परिणामों में बदलाव की अपेक्षा आप कैसे रख सकते हो?

परंतु इस बार नहीं।

इस बार यह गलती नहीं दुहराएँगे। इस बार हम ब्रह्मचर्य का संकल्प लेने से पहले जीवन में से वो सारी उत्तेजक चीज़ों की सफ़ाई करेंगे। जो आपको आपकी बुरी आदतों की ओर जाने के लिए विवश या प्रेरित करती हैं।

क्योंकि एक बात अच्छे से समझ लीजिए।

इंद्रियों का स्वभाव है अपने विषयों पर आसक्त होना।

जैसे आग के सामने घी रखोगे तो वो पिघलेगा ही, क्योंकि आग का स्वभाव है घी को पिघालना और घी का स्वभाव है आग के सानिध्य में पिघलना। अतः जिसका जैसा स्वभाव है वो वैसे ही काम करेगा।

वैसे ही भोग और कामुकता की प्रेरणा कराने वाले चित्र, शब्द, संगत, स्थितियाँ, विचार आदि के सानिध्य से इंद्रियाँ तो उत्तेजित होंगी ही। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

अतः यह सोचना कि, ‘हम इन सब के सानिध्य में रहकर भी ब्रह्मचर्य का पालन सरलता से कर लेंगे।’

यह मूर्खता है।

क्योंकि स्वयं श्रीभगवान ने बोल दिया है कि,

‘मम माया दुरत्यया’

उनकी इस माया शक्ति को जीतना असंभव है।

इसीलिए,

इंद्रिय संयम का रामबाण उपाय यही है कि ऐसी स्थितियों से ही दूर रहा जाए जहां आपको इंद्रिय संयम की आवश्यकता पड़े।

‘The secret to self control is to avoid the environments that require it.’

अतः इसबार संकल्प लेने से पहले हम हमारे मन, शरीर, बुद्धि, वातावरण, जीवन शैली आदि सभी में से कामुकता की सफ़ाई (Desexualization) करके उनको ही कामुकता रोधक (Lustproof) बना देंगे।

इस एक चरण मात्र से आप ब्रह्मचर्य पालन का ध्येय 80% प्राप्त कर लोगे।

1. वातावरण सफ़ाई (Desexualizing Environment)

Control your environment to control yourself.

वो सभी स्थान और संसाधन जहां आप अपना समय बिताते हैं वो आपका वातावरण कहलाता है। इन सभी में जो जो स्थान और संसाधन आपकी उस बुरी आदत को अभिप्रेरित (Trigger) करती है या उन आदतों को बढ़ने में सहाय करती हैं तो उन सभी को जड़ से हटा दें। जैसे कि..

1. कक्ष सफ़ाई (Room) :

  • दीवार पर लगे उत्तेजक चित्र।
  • उत्तेजक फैशन मैगज़ीन, भोग विषयी पुस्तकें आदि।
  • रात को भी कक्ष को कुण्डी लगाने की आदत हटाएँ। और हो सके तो कुण्डी ही हटा दें। इससे ऐसा काम करने की आदत निकल जाएगी जिसे करते हुए आपको कोई देख ले तो शर्मिंदगी हो।
  • अपने रूम में अकेले रहने की आदत हटाएँ।
  • सबके सामने या घर के आँगन या हॉल में ही काम या पढ़ाई करें।

2. बाथरूम सफ़ाई :

  • बाथरूम और टॉयलेट में कभी मोबाइल आदि लेकर न जाएँ।
  • बाथरूम में भी कुण्डी लगाने की आदत भी हटाएँ।
  • संपूर्ण नग्न होकर कभी न नहाएँ। हमेशा गमछा पहनकर नहाएँ।

3. ऑफिस सफ़ाई :

  • ऑफिस में भी कभी अकेले न रहें।
  • वहाँ भी कुण्डी लगाने की आदत छोड़ दें। और हो सके तो कुण्डी ही…
  • ऑफिस के बाथरूम में भी कभी मोबाइल आदि लेकर न जाएँ।

4. मोबाइल सफ़ाई :

  • समस्त प्रकार के उत्तेजक फोटो, वीडियो, गेम्स, ऐप्स और VPN ऐप भी डिलीट कर दें। और कुछ भी थोड़ा भी उत्तेजक है तो भी डिलीट कर दें।
  • सोशल मीडिया के सिर्फ़ अति आवश्यक ऐप रखें। जिसका सचमें आप अपनी पढ़ाई और करियर आदि के लिए उपयोग में लेते हो। स्नैपचैट, टिकटोक, टेलीग्राम और यहाँ तक कि इंस्टाग्राम भी यदि आपका अधिक समय व्यर्थ करता है तो डिलीट कर दो।
  • सोशल मीडिया पर सिर्फ़ उन्हीं लोगों को फॉलो करो जो या तो आपको व्यक्तिगत रूप से जानते हो, या तो आपकी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रेरित करते हो।
  • इनके अतिरिक्त सभी प्रकार के सेलिब्रिटी, गायक, मनोरंजक, Meme पेज, टिकटोकर आदि सभी को अनफोलो कर दें।
  • एक दिन समय लेकर संपूर्ण सोशल मीडिया और संपूर्ण मोबाइल की समस्त रूप से सफ़ाई कर उसे इतना सरल और अरोचक (Boring) बना दें कि बिना कारण उसका उपयोग करने का मन ही न हो।
  • याद रखें!, आप मालिक हो उसके, वो आपका मालिक नहीं है। ज़रूरत पड़ने पर आप उसका उपयोग करें, उसको आपका उपयोग न करने दें।
  • फिर भी संयम न हो सके तो सामान्य कीपैड वाला फ़ोन ही ले लें। माता पिता के मोबाइल या कंप्यूटर से ज़रूरत के काम चलाएँ। चिंता मत करो आपका जीवन फिर भी चलेगा। जितना बड़ा त्याग उतना बड़ा फल।

5. कंप्यूटर सफ़ाई :

  • कंप्यूटर, पेन ड्राइव, हार्ड ड्राइव आदि किसी में भी यदि किसी भी प्रकार का उत्तेजक फ़ोटो, वीडियो, गेम्स या पोर्न आदि है तो डिलीट कर दें।
  • अपने इंटरनेट ब्राउज़र में यदि कोई कामुक वेबसाइट के बुकमार्क या हिस्टरी आदि है तो उसे भी डिलीट कर दें।
  • कंप्यूटर हमेशा परिवार के सामने या घर के आँगन आदि में सबके सामने ही उपयोग करें। अकेले में कभी न करें।

6. टीवी सफ़ाई :

  • यदि आपके नियंत्रण में है तो घर में से पूरा का पूरा टीवी ही निकाल दें। □ यदि टीवी नहीं निकाल सकते तो चैनल का सेटअप बॉक्स हटा दें।
  • टीवी के स्थान पर एक अच्छी सी पुस्तक की अलमारी बनवा लें। इससे आप न ही मात्र अपना परंतु अपने बच्चों का भी भविष्य सुधर जाएगा।

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