
ब्रह्मचर्य के फ़ायदे…
1. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपका सामान्य जीवन शुरु होता है।
2. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आप अपनी संपूर्ण क्षमताओं को जान कर उनका उपयोग कर पाते हो।
3. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपको पता चलता है कि अब तक आप घोर अंधकार में जी रहे थे, और अब ब्रह्मचर्य के उजाले से जीवन की हर स्थिति में सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई देता है।
4. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही जीवन में रंग, संबंधों में प्रेम, छोटे छोटे पलों में ख़ुशियाँ और हर कार्य में सतत प्रेरणा व उत्साह दिखता है।
5. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपको पता चलता है कि यह सब शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक क्षमताएँ जो पहले अत्यंत ही अद्भुत लगती थी वो सब अधिकतर मनुष्यों के लिए एकदम सहज सामान्य हैं।
6. अतः ब्रह्मचर्य पालन करने के पश्चात ही आप असामान्य ध्येयों की प्राप्ति के लिए असामान्य पुरुषार्थ कर सकते हो और ब्रह्मचर्य के इस मज़बूत स्तंभ (Pillar) पर अपने समृद्ध जीवन की इमारत बना सकते हो।
7. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आप समझते हो की हर छोटा मोटा काम करने में मोटिवेशन की आवश्यकता नहीं होती है। आप बिना मोटिवेशन के भी अपने आपको अनुशासित (Discipline) कर सकते हो।
8. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपके चरित्र में गंभीरता आना शुरू होती है और आपके आसपास के लोग आपको गंभीरता से लेना शुरू करते है।
9. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपमें से सामाजिक व्याकुलता (Social Anxiety) निकलकर आत्मविश्वास (Confidence), साहस (Bravery) और निर्भयता (Fearlessness) आती है।
10. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपका वीर्य अमृतावस्था को प्राप्त होकर आपकी स्मरणशक्ति, सद्गुण और बुद्धिमत्ता बढ़ाता है। जिससे पहले के समय में ब्रह्मचारी छोटी से उम्र में ही बड़े बड़े वेदों को कंठस्थ कर लेते थे।
11. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपकी आयु बढ़ती है। 1. जब 2024 में 127 वर्ष के दुनिया के सबसे स्वस्थ दीर्घायु व्यक्ति स्वामी शिवानन्द जी को पूछा गया कि उनकी दीर्घायु का रहस्य क्या है तो उनके उत्तर में सिर्फ तीन शब्द थे। ब्रह्मचर्य, योग और सात्विक भोजन।
12. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आप की दीर्घायु स्वस्थ दीर्घायु बनती है। क्योंकि कर्मफल से लोग दीर्घायु तो हो जाते है परंतु ब्रह्मचर्य के अभाव के कारण वह दीर्घ आयु भी रोगी, निर्बल व अशक्त होकर बितानी पड़ती है।
13. जबकि ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपका यौवन लंबा चलता है, बुढ़ापा जल्दी नहीं आता, त्वचा में प्राकृतिक सुंदरता, हड्डियों में बल और मस्तिष्क में बुद्धिमत्ता बुढ़ापे में भी लंबे समय तक बनी रहती है।
14. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपका ध्यान आपके ध्येय, काम और पढ़ाई में सतत रूप से लंबे लंबे समय तक लगना शुरू होता है। जो आपकी Productivity बढ़ाकर ध्येयप्राप्ति की ओर ले जाता है।
15. ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आपकी की गई कसरतों से न ही मात्र आपकी मांसपेशियों में परन्तु हड्डियों में भी बल बढ़ना शुरू होता है।
16. अंततः ब्रह्मचर्य पालन के पश्चात ही आप अपनी इंद्रियों पर और उसके कारण संपूर्ण जीवन पर नियन्त्रण पा सकते हो। क्योंकि जीवन पर नियंत्रण वही पा सकता है जो अपनी प्रबल कामेच्छाओं (Urges) को सहन करके इंद्रियों को अपनी इच्छा के अनुसार काम करवा सके।
17. सिर्फ़ सात दिनों के वीर्य रक्षण से शरीर में टेस्टोस्टेरोन 147% तक बढ़ता है जो की आत्मविश्वास (Confidence) की वृद्धि करता है। इसीलिए टेस्टोस्टेरोन को पुरुषों का Success Hormone कहा जाता है। – PUBMED 2020, PUBMED 2003
18. टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि शारीरिक बल और मांसपेशियों में वृद्धि करता है, मोटापा (Fat) घटाता है, पाचन में वृद्धि करता है, वीर्य में शुक्राणु संख्या (Sperm Count) बढ़ाकर प्रजनन शक्ति (Libido) में वृद्धि करता है। PUBMED 1990
19. टेस्टोस्टेरोन की वृद्धि उत्साह (Energy) और प्रेरणा (Motivation) की वृद्धि कर व्यक्ति में तनाव (Depression) घटाता है और उसके मानसिक स्वास्थ्य में त्वरित सुधार लाता है। – PUBMED, 2001
20. टेस्टोस्टेरोन शरीर में प्रोटीन संश्लेषण (Synthesis) को बढ़ाकर मांसपेशियों (Muscles) की वृद्धि करता है और उन्हें तेजी से ठीक होने में (Recovery) मदद करता है। NCBI 2004, VWF 2021
अब यह तो हमने संक्षिप्त में कुछ मुख्य मुख्य फ़ायदों के बारे में बात की। शास्त्र और मॉडर्न विज्ञान के ऐसे अनगिनत कथन है जिसमें जीवन के हर क्षेत्र में ब्रह्मचर्य के फ़ायदों के बारे में विस्तार से बताया है।
परंतु अब क्यों करे ब्रह्मचर्य, इसका तो पर्याप्त ज्ञान हो गया है।
अभी जानते है कि…