
अव्यय (Avyay in Hindi Grammar)
अव्यय की परिभाषा – अव्यय उन शब्दों को कहते हैं, जिनमें लिंग, वचन, कारक इत्यादि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता।
जैसे –
तुम धीरे-धीरे खाते हो।
वह तेज भागता है।
मैं अवश्य पढ़ लूंगा।
वह ठीक कहता है।
ऐसा मत करो।
इन उदाहरणों में ऑरेंज कलर किये गए शब्द “अव्यय” हैं, क्युकी इनमें कभी विकार या परिवर्तन नहीं होता।
अव्यय के भेद – Avyay Ke Bhed in Hindi Grammar
हिन्दी व्याकरण में अव्यय के मुख्य चार भेद होते हैं जो की निम्नलिखित हैं –
1 . क्रियाविशेषण
2 . संबंधवाचक
3 . समुच्चयवाचक
4 . विस्मयादिबोधक
1 . क्रिया विशेषण अव्यय
परिभाषा – जिस शब्द से क्रिया की विशेषता प्रकट हो, उसे क्रियाविशेषण कहते हैं।
जैसे – मैं धीरे-धीरे गाता हूँ।
यहां गाता हूँ, क्रिया है। गाने का काम धीरे-धीरे हो रहा है। अतः ‘धीरे-धीरे’ क्रियाविशेषण अव्यय है जिसका मूल रूप नहीं बदलता।
क्रिया विशेषण के भेद –
क्रिया विशेषण के मुख्य रूप से पाँच भेद होते हैं –
1 . स्थानवाचक – यहाँ, वहाँ, जहाँ, कहाँ, आगे, पीछे
2 . कालवाचक – आज, कल, परसों, अब, जब, कब
3 . रीतिवाचक – ऐसे, वैसे, कैसे, अचानक, धीरे, सचमुच
4 . परिमाणवाचक – बहुत, बड़ा, भारी, बिलकुल, खूब
5 . प्रश्नवाचक – क्यों, क्या, किसलिए, किस कारण
2 . संबंधवाचक अव्यय
परिभाषा – वाक्य के दूसरे शब्दों के साथ संज्ञा या सर्वनाम का सम्बन्ध बताने वाले अव्यय शब्दों को संबंधवाचक कहते हैं।
जैसे – सोहन की अपेक्षा रोहन एक अच्छा आदमी है।
संबंधवाचक के भेद –
संबंधवाचक के दो भेद हैं –
1 . संबद्ध संबंधवाचक – यह विभक्ति के बाद आता है। जैसे – जाने के पहले। पिता की तरह। घर के भीतर।
2 . अनुबद्ध संबंधवाचक – यह किसी संज्ञा या शब्द के बाद आता है। जैसे – पुत्र-समेत, किनारे-तक, घर-तक।
3 . समुच्चयवाचक अव्यय
परिभाषा – दो शब्दों, वाक्यांशों अथवा वाक्यों को जोड़नेवाला अव्यय शब्दों को समुच्चयवाचक कहते हैं।
जैसे – और, तथा, व, किन्तु, परन्तु, क्युकी, ताकि, इसलिए, कि इत्यादि।
समुच्चयवाचक अव्यय के भेद –
इसके दो भेद होते हैं –
1 . समानिधिकरण समुच्चयवाचक – मुख्य वाक्य को जोड़ने वाले अव्यय को समानाधिकरण कहते हैं।
जैसे – और, तथा, एवं, अथवा, कि, नहीं, तो, या इत्यादि।
2 . व्यधिकरण समुच्चयवाचक – एक वाक्य में जब एक या अधिक आश्रित वाक्य अव्ययों द्वारा जोड़े जाते हैं, तब व्यधिकरण होता हैं।
जैसे – क्युकी, जो कि, इसलिए, कि, ताकि।
4 . विस्मयादिबोधक अव्यय
परिभाषा – जिन अव्यय-शब्दों से हर्ष, शोक आदि के भाव प्रकट हो, उन्हें विस्मयादिबोधक कहते हैं।
जैसे – हाय, दुर, अहा, ओह, छीह, ओहो, अरे, हे, वाह इत्यादि।
हिंदी व्याकरण – Hindi Grammar
- हिंदी व्याकरण | वर्ण | स्वर वर्ण | व्यंजन वर्ण | शब्द | संधि | समास | उपसर्ग | प्रत्यय | संज्ञा | सर्वनाम | विशेषण | क्रिया विशेषण | वाक्य | लिंग | क्रिया | अव्यय | पुरुष | कारक | वचन | काल | विराम चिन्ह।
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