
अनुशासन का महत्व पर निबंध हिंदी में
1 . परिचय, 2 . जीवन के हर क्षेत्र के लिए आवश्यक, 3 . जीवन के हर क्षेत्र में किस तरह आवश्यक, 4 . उपसंहार ।
1 . नियमों के अनुकूल चलना, अपने से बड़ों के प्रति उचित सम्मान दिखाना, उनकी आज्ञा का पालन करना और अच्छे ढंग से व्यवहार करना, ये सभी ‘अनुशासन’ शब्द के अंतर्गत हैं।
2 . अनुशासन जीवन के सभी क्षेत्रों में आवश्यक है, स्कूल में या घर में, कार्यालय में या कारखाने में, खेल के मैदान में या युद्ध-क्षेत्र में, सभी जगह अनुशासन आवश्यक है।
अनुशासन के बिना पूर्णतः अराजकता एवं अनियमितता हो जाएगी। शांति और सुव्यवस्था न रहेगी। सामाजिक ढाँचे में उलट-पुलट हो जाएगी। यही कारण है कि अनुशासन पर इतना जोर दिया जाता है।
3 . स्कूल में अगर लड़के अनुशासनहीन हो जाएँ तो शिक्षकों के लिए स्कूल का कार्य सँभालना कठिन हो जाएगा। स्वयं लड़के कुछ नहीं सीखेंगे और शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
इसी तरह अधीनस्थ कर्मचारी कार्यालयों एवं कारखानों में अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों की आज्ञा न मानें तो उत्पादन एवं व्यवस्था का कार्य करना दुष्कर हो जाएगा। जरा ख्याल करें, अगर लोकसेवक अनुशासनहीन हो जाएँ और अपने इच्छानुसार कार्य करने लगें तो देश की क्या दशा होगी। तब कोई योजना एवं संगठन नहीं रहेगा।
उसी तरह अगर सेना एवं आरक्षी अपने जेनरल एवं कमांडर की आज्ञा मानना अस्वीकार कर दें तो शत्रु एवं गुंडों को देश पर अपना अधिकार स्थापित करने में कुछ देर न लगेगी। इस तरह अनुशासनहीन राष्ट्र एक भी क्षण स्वतंत्र रहने की आशा नहीं कर सकता।
घर एवं खेल के मैदान जैसे छोटे स्थानों में भी लोग अनुशासन के बिना कार्य नहीं कर सकते। अगर परिवार में अनुशासन नहीं रहे तो परिवार के सभी लोग मनमाना कार्य करने लगेंगे।
तब परिवार में शांति एवं व्यवस्था न रह सकेगी। खेल के मैदान में अगर खेलाड़ी खेल के नियमों एवं रेफरी की आज्ञा का पालन न करें तो खेल हो ही नहीं सकता।
4 . अनुशासन अच्छी चीज है और इसमें कुछ भी बुराई नहीं है। यह चरित्र का निर्माण करता है तथा एकता एवं सहयोग की भावना का विकास करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि लड़कों को बचपन से अनुशासन सिखाया जाए। इसकी उपेक्षा कभी नहीं करनी चाहिए क्योंकि जीवन की सफलता का रहस्य यही है।
Final Thoughts –
यह हिंदी निबंध भी पढ़े –